Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………, Kanak Saman Kalevar, आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं।, तुम बिन कौन सुने वरदाती। Sukh Sampati Karta ॥ ॐ जय अम्बे गौरी………, तुम ही जग की माता, Tum Kamala Rani, Kis Ko Jakar Winay Sunaun. ॐ जय अम्बे गौरी………, चौंसठ योगिनी मंगल गावत, उसी रूप का मैं दर्शन चाहूँ॥, आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं | आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं |, रक्तबीज मधु कै सब मारे। Jay Ambe Gauri, Maiya Jay Shyaama Gauri Nis Din Tumko Dhyaavat Jag Janani Jai Jai Maa, Jag Janani Jai Jai. Durga Ji Ki Aarti : देवी दुर्गे अपने भक्तों को अभय देने वाली और असुरों का नाश करने करनी आदि-शक्ति है. सुर-नर-मुनिजन सेवत, उज्ज्वल से दोउ नैना, Main Bhi Tera Daas Kahaun. Jab Tum Dekhi Daya Rup Ho,’ Pal Me Sankat Dur kare. तब तब आप सहाय करे। जन अपने को कष्ट हरे। Chaman Sabhi Sukh Sampati Pawe. तू वाँछा कल्पद्रुम, हारिणि सब बाधा॥, दश विद्या, नव दुर्गा, नाना शस्त्रकरा। Wiwsan Wikat Sarupa, Pralaymayi Dhara. Shonit Beed Hare, Ratn Wibhusit Tu Hi, Tu Hi Asthi Tana. Maa Durga Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English, MP3,Video,PDF, Download. Sur Muni Mohini Saumya, Tu Shobhadhara. आगम निगम बखानी, Nritya Karat Bhairon, Tere Bhakt Jano Par Mata Bhir Padi Hai Bhari.

O Maiya Ham Sab Utaare Teri Aarti……….. Maa- Bete Ka Hai Is Jag Me Bada Hi Nirmal Nata, Put Kaput Sune Hai par Na Mata Suni Kumata. अटल भवन में राज्य करे॥, दर्शन पावे मंगल गावे, छू भी नहीं पाएगा Coronavirus बस बरतें ये 10 सावधानियां, अहोई अष्टमी व्रत विधि-कथा, व्रत के नियम व उजमन की सम्पूर्ण जानकारी, Karwa Chauth व्रत की विधि व शुभ मुहूर्त सहित जानिए करवा चौथ की असली कथा, प्रेरक कथा: ये कहानी पढ़ने के बाद आप निंदा करना छोड़ दोगे, बिल्लियों की मूर्खता: Two Cats and a Monkey Story. Jai Kali Kalyaan Kare. मधु-कैटभ दोउ मारे, Bhaktan Ki Dukh Harta,

हैं कपूत अति कपटी, पर बालक तेरे॥, निज स्वभाववश जननी, दयादृष्टि कीजै। Pan Supari Dhwaja Nariyal, Le Jwala Teri Bhet Dhare. संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, Chanting Shri Durga Aarti on regular basis is best way to please Maa NavDurga.Here is maa ambe ji ki Aarti with meaning for your Navratri puja.1. नासाग्रे मोती,

ॐ जय अम्बे गौरी………, केहरि वाहन राजत, निशदिन मदमाती॥ Pan Supari Dhwaja Nariyal, Le Jwala Teri Bhent Dhare. Aarti Jag Janani Main Teri Gaun. संतन के भडांर भरे। O Maiya Ham Sab Utare Teri Aarti………, Nahi Mangte Dhan aur Daulat, Na Chaandi Na Sona. Aarti Jag Janani Main Teri Gaun. सिंह पीठ पर चढी भवानी, Aarti Teri Karun Wardati. दुखियों के दुखडे निवारती। Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………, Jai Ambe Gauri Maiya, Jaa Shyama Gauri Nishdin Tumko Dhyaavat, Hari Brahma Shivji ॥ Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………. Chandravadan Niko ॥ Atal Sinhasan Baithi Meri Mata. Jai Kali Kalyan Kare. Required fields are marked *, Maa Durga Aarti Ambe Tu Hai Jagdambe Kali. RaktBeej Madhu Kai sab Mare. Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………, Kanan Kundal Shobhit, Mata Hokar Putra Khilawe. Tu Widhi Wadhu, Rama, Tu Uma Mahamaya. ॐ जय अम्बे गौरी………, मांग सिंदूर विराजत, Var Mudra Dhari, Ham To Mange Tere Charno Me Chhota Sa Kona. भक्तन की दुख हरता, Aarti Durga ji Ki,श र द र ग ज क आरत , in hindi and English text. खडग खप्पर धारी,

तरुणी रूप अनूप धरे। Dash Widha, Naw Durga, Nana Shastrakara.

सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली, बाजत ताल मृदंगा, संतन प्रतिपाली सदा खुशाली, Mangal Ki Sewa Sun Meri Dewa, Hath Jod Tere Dwar Khade. सभी देवी देवताओं की आरती संग्रह के लिए क्लिक करें. Durga Ji Ki Aarti: द व द र ग अपन भक त क अभय द न व ल और अस र क न श करन करन आद -शक त ह . जै काली कल्याण करे॥, सात बार की महिमा बरनी, Sur Nar Munijan Sevat, Ram, Krishn, Tu Sita, Braj Rani Radha.

Aadit Wari Aadi Bhawani, Jan Apne Ko Kasht hare. सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली, Madhu-Katitabha Mare, Raktapushp Galmala, तुम कमला रानी, Kalatita Kali, Kamla Tu War De. NisDin Prem Ki Jyoti Jagaun. Main Bhi Dar Tere Sees Jhukaun. अष्टमातृका, योगिनि, नव-नव रूप धरा॥, तू परधाम निवासिनि, महा-विलासिनि तू। चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली। वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥ माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली, भक्तों के कारज तू ही सारती।। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती…………. Maiya Charan Kamal Raj Chahun. Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………, Kanchan Thal Virajat, War ShaniChar Kukam Barno, Jab Lunkad Par Hukum kare. पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥

जै काली कल्याण करे॥, कुपित होकर दानव मारे, Tu Hi Sneh Sudhamayi, Tu Ati Garalamna. निसदिन प्रेम की ज्योति जगाऊं॥, ध्यानु भक्त तुमरा यश गाया। इस जगत में जो माया व्याप्त है वह सब माँ दुर्गा द्वारा ही है। ये प्रसन्न होने पर मनुष्य के दुःख दूर कर उनको सुख प्रदान करती है।, दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa) में इन्हीं माँ दुर्गा को नरसिंह का रूप धरकर भक्त प्रहलाद की रक्षा करने वाली व हिरण्याक्ष असुर को मारकर स्वर्ग में स्थान देने वाली अम्बे बताया गया है।, धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥ रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥, इन्हें ही माँ अम्बे, माँ जगदम्बे तथा माँ काली आदि नामों से संबोधित किया जाता हैं तथा महिषासुर नामक दैत्य का वध करने के कारण यही देवी दुर्गा महिषा सुर मर्दनी कहलायी।, स्वरूप: सिंह पर सवार देवी दुर्गा आठ भुजाओं वाली है जिनमें क्रमशः सुदर्शन चक्र, तलवार, त्रिशूल, शंख, कमल पुष्प, धनुष-बाण व गदा लिए हुए है।, माँ दुर्गा के नौ रूप है इन्ही नौ रूपों को नवदुर्गा कहा जाता है दुर्गे जी के नौ स्वरूपों की पूजा नवरात्रि में नौ दिनों तक विधिवत तरीके से की जाती है। माँ के भक्तों के लिए माँ को प्रसन्न कर मनोवांछित फल प्राप्ति का यह सबसे अच्छा समय माना जाता है।, यह नवरात्रि का पर्व वर्ष में चार बार आता है जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि जो तंत्र से जुड़े साधकों के लिए दस महाविद्या की साधना का समय है तीसरा चैत्र नवरात्रि और चौथे अश्विन मास के शारदीय नवरात्रि यह अंतिम दो नवरात्रि सामान्य जन-मानस के लिए माँ दुर्गे की पूजा का बड़ा ही उत्तम समय है। यदि इन नौ दिनों में माँ दुर्गा का नौ दिनों तक व्रत रखते हुए प्रतिदिन घर अथवा मंदिर में अपने बंधु-बांधवों सहित किसी ज्ञानी पंडित से नवरात्रि व्रत की विधि जानकर दुर्गा पूजन व दुर्गा जी की आरती (Durga Ji Ki Aarti) का सही उच्चारण करते हुए धूप-दीप और कपूर से आरती उतारी जाएं तो निश्चित ही देवी दुर्गा अपने भक्तों पर प्रसन्न होती है।, अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥, तेरे भक्त जनों पर माता, भीड़ पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ों माँ करके सिंह सवारी।, सौ-सौ सिंहो से बलशाली, अष्ट भुजाओं वाली, दुष्टो को पल में संहारती। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥, माँ बेटे का है इस जग मे बड़ा ही निर्मल नाता। पूत – कपूत सुने है पर न, माता सुनी कुमाता ॥, सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली, दुखियो के दुखड़े निवारती। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥, नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना। हम तो मांगे माँ तेरे मन मे, इक छोटा सा कोना ॥, सबकी बिगडी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियो के सत को सवांरती। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥, चरण शरण मे खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली। वरद हस्त सर पर रख दो,  माँ सकंट हरने वाली।, मॉ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओ वाली, भक्तो के कारज तू ही सारती। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥, Your email address will not be published. Pan Supari Dhwaja Nariyal, Le Jwala Teri Bhet Dhare. Karuna Kar Karunamayi, Charan Sharan Dije. Manvanchhit Phal Pavat, किस को जाकर विनय सुनाऊं॥, Jai Ambe Gauri Maiya,

दुष्टों को तू ही ललकारती। सेवत नर नारी॥ हरि ब्रह्मा शिवरी। संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे॥, बुद्धि विधाता तू जग माता, मेरा कारज सिद्व करे। चरण कमल का लिया आसरा, शरण तुम्हारी आन पड़े॥, जब जब भीड पडी भक्तन पर, भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥, तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा। Sinh Peeth Par Chadhi Bhawani, Atal Bhawan Me Raajya Kare. Nij Swabhaw Wash Janani, Daya Drishti Kije. चंद्रवदन नीको॥ ॐ जय अम्बे गौरी………, ब्रह्माणी, रूद्राणी, जय काली कल्याण करे॥, मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेट धरे॥, आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं। Durga Saptshati Aarti Hindu Aarti Jain Aarti Chalisa Hindu Chalisa Jain Chalisa Katha Temples Sunderkand Horoscope Videos Books Durga Ji Ki Aarti | आरत श र द र ग ज अम ब त ह जगदम ब क ल , … माँ दुर्गा के बारे में और जानने के लिए क्लिक करें. संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली,

Mul Prakriti, Widha Tu, Tu Janani Jaya. Aarti Jag Janani Main Teri Gaun. हृदय का दीपक, नैयनो की बाति। Ambe Tu Hai Jagdambe Kali, Jai Durge Khappar Wali. Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………, Shumbh- Nishumbh Vidare, तेरे ही गुण गावें भारती, हम तो मांगें तेरे चरणों में छोटा सा कोना॥ Sevat Nar Nari॥ रक्ताम्बर राजै, Turn Shiv Patrani ॥ Nasagre Moti दानव दल पर टूट पडो माँ करके सिंह सवारी॥ Raktambar Raje, Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………, Mang Sinduur Biraajat, Santan Pratipali Sada KhushHali, Jai Kali Kalyaan kare. Charan Sharan Me Khade Tumahari, Le Puja Ki Thali. धर्मेंद्र ने महाभारत के अर्जुन के साथ क्या किया? Jab Jab Bheed padi Bhaktan Par, Tab Tab Aap Sahay kare. Devi Durga in the Hindu religion is the name of the Goddess who is the reincarnation of ‘Shakti’. ॐ जय अम्बे गौरी………, श्री अंबेजी की आरती, जो कोइ नर गावे, कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे॥ ॐ जय अम्बे गौरी………, जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी। ॐ जय अम्बे गौरी………. Tu Wancha Kalpadrum, Harini Sab Badha. Rakt Beej Ko Bhasm kare. Tiko Mrigmadko, Daanaw Dal Par Tut Pado Maa Karke Sinh Sawari. चमन सभी सुख सम्पति पावे।

Asht Matrika, Yogini, Naw Naw Rup Dhara. अरू बाजत डमरू॥ धूम्र विलोचन नैना,

तिनके दुखहारी॥ Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri………, Tum Ho Jag Ki Mata, Sabki Bigdi Banane Wali, Laaj bachane Wali. Your email address will not be published. Bajat Tab Mridanga, Tinke Dukhahari ॥ किस को जाकर विनय सुनाऊं। Shree Durga Ji Ki Aarti (श र द र ग ज क आरत ) song from the album Shree Durga Stuti is released on Oct 1995 .

Tere Hi Gun Gaawen Bharati, O Maiya Ham Sab Utaare Teri Aarti……………. Jai Janani Jai Matu Bhawani, Atal Bhawan Me Raajya Kare. ॐ जय अम्बे गौरी………, कंचन थाल विराजत, Hain Kaput Ati Kapati, Par Balak Tere. कोटि रतन ज्योती॥ Samrajat Jyoti ॥ Santan Pratipali Sada KhushHali. जय अम्बे गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, तुम शिव पटरानी॥ Mahishasur Ghatia Jai Shyama Gauri ॐ जय अम्बे गौरी………, कानन कुण्डल शोभित, जिस ध्याया माता, फल पाया। ॐ जय अम्बे गौरी………, भुजा चार अति शोभित, Jai Kali Kalyan Kare. Shukra Sukh Dayi Sada Sahayi, Sant Khade jaiKar Kare. Kotik Chandra Divakar, सिद्ध साधक तेरी भेट धरे। Sun Jagdambe Na Kar Wilambe, Santan Ke Bhandar Bhare. मैया जय श्यामा गौरी, कालातीता काली, कमला तू वर दे॥, शक्ति शक्तिधर तू ही, नित्य अभेदमयी। Khadag Khappar Trishul Hath Liye.